ज्योतिष के अचूक उपाय

ज्योतिष शास्त्र के अचूक उपाय :-

संसार में  बहुत से लोग हैं जिन्हे अपने जन्म समय, जन्म तिथि और जन्म स्थान के बारे में न तो पता है न ही उन्होंने कभी अपनी जन्मपत्रिका ही बनवाई  है।  ऐसी स्थिति में ज्योतिष विद्या मानव जीवन की अनेक समस्याओं का हल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।  इसके उपायों के द्वारा बेहद अचूक परिणाम प्राप्त किये जा सकते हैं।

धन प्राप्ति के उपाय :-

नमक को कभी भी खुले बर्तन में न रखे।

प्रतिदिन पीपल की जड़ में जल डालें।

अपने घर के प्रत्येक दरवाज़े के कब्ज़े में तेल लगाये ताकि उनमें से ‘चू चू’  की आवाज़ ना आये।

भोजन तैयार करते समय पहली रोटी गाय के लिए और आखिरी रोटी कुत्ते के लिए निकले।

जब भी अपनी बहन या बुआ को घर पर आमंत्रित करें तो उसे खाली हाथ न भेजें ।

जब भी घर का फ़र्श साफ़ करें तो उसमे थोड़ा सा नमक मिला लें।

धन के ठहराव के लिए उपाय :-

नोटों की गिनती कभी भी उँगलियों पर थूक लगा कर न करें।

कभी भी सूर्यास्त के बाद घर में झाड़ू न लगाये।

बुधवार के दिन किसी भी किन्नर को हैसियत दान दे कर उससे कुछ पैसे वापिस ले लें।

बुधवार को किसी को भी पैसे उधार न दें।

शीघ्र विवाह हेतु उपाय :-

हमेशा अपने से बड़े व्यक्तियों और बुज़ुर्गों का सम्मान करें।

जब भी आप स्नान करें तो उसमें थोड़ा सा हल्दी पाउडर मिला लें।

अगर हो  सके तो अपने घर पर एक खरगोश पाले और हर बुधवार को उसे हरी घास खाने को दें।

नव-विवाहित व्यक्ति के पुराने वस्त्रों का उपयोग करें।

देवगुरु बृहस्पति का  पूजन करें।

जब कभी भी आप के माता-पिता आपके लिए वर देखने जाएं उस दिन लाल वस्त्र धारण करें और उनके वापिस लौटने तक अपने बाल खुले रखें।

रात को सोने से पूर्व अपने सिर के पास आठ खजूर रख और प्रातःकाल उसे चलते पानी में बहा दें।

शनिवार की रात्रि चौराहे पर नया बंद ताला चाभी के साथ रख आयें।

सुखी विवाहित जीवन के लिए उपाय :-

अपने जीवन साथी को कम आय के लिए कभी भी ताने न मारें।

प्रतिदिन प्रातः केले और पीपल के पेड़ का पूजन करें।

हमेशा अपना मासिक वेतन अपनी पत्नी को दें और उससे कह दें कि इसका उपयोग करने से पहले एक बार इसे तिजोरी में रख ले।

अपनी पत्नी का सम्मान सदैव ‘लक्ष्मी’ की भाँति ही करें।

पति के भोजन करने के उपरान्त पत्नी को पति की जूठी  थाली में से कुछ भोजन ग्रहण करना चाहिए।

बच्चों की शिक्षा सम्बन्धी कुछ उपाय :-

बच्चों को ११ तुलसी-पत्र के रस में मिश्री मिलाकर दें इससे उनकी एकाग्रता में वृद्धि होगी।

प्रतिदिन सूर्य भगवान को जल अर्पित करें।

प्रतिदिन २१ बार गायत्री मंत्र का उच्चारण करें।

विद्यार्थी अपने अध्ययन कक्ष में विद्या की देवी माँ सरस्वती का चित्र लगायें।

इमली की २२ पत्तियाँ लें उनमें से ११ पत्तियाँ सूर्य देवता को अर्पित कर दें और शेष अपनी पुस्तक में रख लें।

रात्रि सोने से पूर्व ११ बार “ॐ ऐं  सरस्वत्यै नमः” मंत्र का उच्चारण करें।

अपने अध्ययन कक्ष में हरे रंग के परदे लगायें।

स्वयं में विश्वास उत्पन्न करने के लिए उपाय  :-

रविवार को लाल रंग के बैल को गुड़ खिलायें।

अपने घर के मंदिर में लाल रंग के बैल का खिलौना रखें।

प्रतिदिन अपने दांत फिटकरी पाउडर से साफ़ करें।

शक्कर मिश्रित जल सूर्य भगवान को अर्पित करें।

रोगों से छुटकारा पाने हेतु उपाय :-

दवाइयाँ  शुरु करने से पहले उन्हें कुछ समय के लिए शिव मंदिर में रख दें।

अपनी शयन करने की चारपाई के चारों पाँवों में चांदी की कील लगायें।

जब भी जल पिएं उसमे थोड़ा सा गंगा जल दाल लें।

प्रतिदिन प्रातः हनुमान चालीसा और बजरंग बाण का पाठ करें।

अपने बुरे कर्मों के  पिता परमेश्वर से क्षमा याचना करें।

व्यवसाय में वृद्धि हेतु उपचार :-

एक लाल रंग के कपड़े में थोड़ा सा लाल चन्दन पाउडर बांधे और उसे अपनी तिजोरी में रखें।

अपने व्यवसाय में अपनी पत्नी को हिस्सेदार बनाये।

आप अपने पहले ग्राहक से जो भी धनराशि कमाते हैं उसमें से कुछ धनराशि किसी जरूरतमंद को अवश्य दान करें।

प्रातः अपने घर से आप जब व्यवसाय वाले स्थान पर जाने के लिए निकले तो रास्ते में कही और न रुक कर सीधा अपने व्यवसाय वाले स्थान पर ही जाएं ।

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